50 Lines Essay On Bhagat Singh In Hindi | भगत सिंह पर निबंध

50 Lines Essay On Bhagat Singh In Hindi | भगत सिंह पर निबंध: नमस्कार दोस्तों :भगत सिंह एक महान क्रांतिकारी और बहादुर स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अपना अहम योगदान दिया। वह अपने साथियों के बीच शहीद-ए-आजम के नाम से विख्यात थे। भगत सिंह एक अत्यंत सम्मानित क्रांतिकारी थे जो स्थितियों का पूर्वानुमान लगा सकते थे।

उनकी देशभक्ति की भावना ने उन्हें सांप्रदायिक आधार पर भारत के विभाजन के साथ-साथ ब्रिटिश सरकार के खिलाफ भी लड़ने के लिए प्रेरित किया। वह एक परिपक्व, प्रतिभाशाली व्यक्ति थे और हमेशा समाजवाद से प्रभावित रहते थे। उन्होंने असहयोग आंदोलन में अपना उच्च योगदान दिया।

भगत सिंह की मात्र 23 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई और उनकी मृत्यु से भारतीयों में देशभक्ति की भावनाएँ जागृत हो गईं। आज के इस लेख में हम आपके लिए 50 Lines Essay On Bhagat Singh In Hindi | भगत सिंह पर निबंध, भगत सिंह पर 10 लाइन निबंध | 10 Lines On Bhagat Singh In Hindi, भगत सिंह पर 20 लाइन, 20 lines on bhagat singh लेकर आये हैं जिनका उपयोग आप निबंध लेखन के लिए कर सकते हैं

Essay On Bhagat Singh In Hindi
Essay On Bhagat Singh In Hindi

50 Lines Essay On Bhagat Singh In Hindi | भगत सिंह पर निबंध

 1. भगत सिंह का जन्म पंजाब के जिला लायलपुर गांव में 28 सितंबर 1960 को एक सिख परिवार में हुआ था

2.  भगत सिंह के पिता का नाम सरदार किशन सिंह था जो एक क्रांतिकारी सेनानी थे

3.  इनके माता जी का नाम विद्यावती कौर था

4. भगत सिंह को पढ़ने का बहुत शौक था जिसके चलते उन्होंने कम उम्र में ही हिंदी अंग्रेजी और पंजाबी भाषा बोलना और पढ़ना सीख लिया था

5. इंकलाब जिंदाबाद भगत सिंह के द्वारा दिया गया सबसे महत्वपूर्ण व प्रसिद्ध नारा है

6. अपने देश को अंग्रेजों से आजाद करने के लिए भगत सिंह ने अपना संपूर्ण जीवन देश के नाम कर दिया 

7. भगत सिंह जब पैदा हुए तब उनकी दादी ने उन्हें बड़े प्यार से उनका नाम भागां वाला रखा जिसका मतलब अच्छे भाग्य वाला होता है बाद में उन्हें भगत सिंह कहा जाने लगा

8. भगत सिंह क्रांतिकारी होने के साथ-साथ एक अच्छा लेखक अच्छा बोलने वालाऔर अच्छा पढ़ने वाले भी थे

9. भगत सिंह स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार से थे तो उनके अंदर आजादी का जुनून होना स्वाभाविक सी बात थी

10. भगत सिंह ने अपने देश को आजाद करने के लिए नौजवानों को एकजुट कर नौजवान भारत सभा का1926 ईस्वी में गठन किया

11. भगत सिंह ने जब इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की तो उनके घर वाले इनकी शादी करना चाहते थे जिसके चलते भगत सिंह लाहौर से भाग कर कानपुर आ गए

12. 14 वर्ष की उम्र से ही भगत सिंह पंजाब की क्रांतिकारी संस्थानों में काम करने लगे थे

13. जब लाठी चार्ज से लाला लाजपत राय की मृत्यु हो गई तो इसका बदला लेने के लिए भगत सिंह और उनके दोस्तों ने जाँन सांडर्स को गोलियों से भून दिया

14. भगत सिंह ने केंद्रीय संसद (सेंट्रल असेम्बली) में बम फेंक दिया था 

15. राजगुरु, सुखदेव और चंद्रशेखर आजाद यह सब भगत सिंह के प्रमुख क्रांतिकारी साथी थे 

16. भगत सिंह राजगुरु तथा सुखदेव को 23 मार्च 1931 को शाम के समय में ही फांसी दे दी गई ऐसा पहली बार हुआ जब किसी को शाम के समय फांसी दी गई हो

17. सदियों में भगत सिंह जैसा वीर पुरुष धरती पर जन्म लेकर धरती को कृतार्थ करता है

18. भगत सिंह का नाम भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी के रूप में लिया जाता है

19. भगत सिंह ने देश की आजादी के लिए जिस साहस का परिचय दिया वह आज की युवा वर्ग के लिए बहुत आदर्श की बात है 

20. चोरा चोरी के जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह को झकझोर कर रख दिया था

21. शहीद ए आजम भगत सिंह को शायद ही ऐसा कोई भारतीय होगा जो न जानता हो

22. भगत  सिंह को 23 वर्ष की आयु में ही फांसी दे दिया गया था 

23. भगत सिंह बचपन से ही क्रांतिकारियों की कहानी किस्से सुनते थे जिसके चलते उनके ऊपर स्वतंत्रता आंदोलन का बहुत गहरा प्रभाव पड़ा 

24. गांधी जी के अहिंसक नीति से भगत सिंह बहुत प्रभावित हुआ करते थे जिसके कारण वह कई क्रांतिकारी संगठन के सदस्य बने और जुलूस में भाग लिया

25. भगत सिंह युवा क्रांतिकारियों के लिए मिसाल बन गए जिसके चलते कई युवा वर्ग के लोग उनके साथ जुड़ने लगे

26. भगत सिंह को जब शादी करने के लिए कहा गया तो उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि मुझे अपनी मातृभूमि की सेवा करनी है  जिसके लिए मुझे किसी भी बंधन में नहीं बचाना है

27. भगत सिंह ने अपने क्रांतिकारी आवाज को अंग्रेजी सरकार तक पहुंचाने के लिए बटुकेश्वर दत्त के साथ मिलकर दिल्ली के असेंबली में धमाका किया 

28. दिल्ली के असेंबली पर धमाका करने के बाद वहां से भागे  नहीं जिसके चलते इनको गिरफ्तार कर लिया गया 

29. करतार सिंह सराभा जो गदर पार्टी के एक सदस्य थे जिन्होंने भगत सिंह के जीवन को बहुत प्रभावित किया 

30. भगत सिंह ने 13 साल की बहुत छोटी सी  उम्र में ही स्कूल को छोड़कर अपना शेष जीवन भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में समर्पित करने का फैसला कर लिया था

31. भगत सिंह अपने स्कूल के सभी गतिविधियों में हमेशा भाग लेते थे

32. भगत सिंह बहुत सारी भाषाओं को पढ़ने के साथ-साथ लिखने में भी माहिर थे 

33.भगत सिंह के द्वारा लिखी गई कुछ रचनाएं भी हैं जैसे एक शहीद की जेल नोटबुक, सरदार भगत सिंह इत्यादि

34. सरदार भगत सिंह ने विभिन्न भाषाओं में महारत हासिल की थी जैसे अंग्रेजी,पंजाबी,हिंदी,उर्दू और गुरुमुखी भाषाएँ प्रमुख है 

35. भगत सिंह जब छोटे थेतभी से उनका झुकाव आराजकतावादी विचारों के साथ-साथ मार्क्सवादी विचार धाराओं की ओर था 

36. भगत सिंह के साथ ही जितेंद्र नाथ सान्याल ने वर्ष 1931 में उनके ऊपर एक आत्मकथा लिखी और उनका विमोचन किया गया

37. भगत सिंह के परिवार पर आर्य समाज के विचारों और महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारधाराओं का गहरा प्रभाव था

38. जब भगत सिंह का जन्म हुआ था तो उनके दोनों चाचा अजीत सिंह और स्वर्ण सिंह तथा उनके पिता सरदार किशन सिंह अंग्रेजों के खिलाफ होने के कारण जेल में बंद थे

39. भगत सिंह जब जेल में थे तो उनके द्वारा लिखे खतों और लिखो से उनके विचारों के द्वारा भारतीय समाज में भाषा जाति और धर्म के कारण आई दूरियों पर दुख व्यक्तकिया था

40. भगत सिंह ने किसी भारतीय के द्वारा समाज के कमजोर वर्ग पर किए गए सख्ती  को सोचा, जितना कि किसी अंग्रेज के द्वारा किए गए अत्याचार को

41. जलियांवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 ने भगत सिंह की सोच पर इतना गहरा प्रभाव डाला कि उन्होंने अपनी लाहौर के नेशनल कॉलेज की पढ़ाई को छोड़कर भारत की आजादी के लिए नौजवान भारत सभा की स्थापना कर दी 

42. 23 वर्ष की छोटी सी उम्र में ही ब्रिटिश अधिकारी जाँन सांडर्स की हत्या का आरोप लगाकर उन्हें फांसी दे दी गई

43. 24 मार्च की सुबह को भगत सिंह को फांसी देनी थी पर वहां की सरकार इतनी डरी हुई थी कि 23-24 की मध्य रात्रि में ही इन वीरों को फांसी दे दी गई 

44. जब भगत सिंह को फांसी दी गई तो उनके घर वालों को इनका शव तक नहीं दिया गया फांसी देने वाले ही उनके शव को ले जाकर सतलज नदी के किनारे अंतिम संस्कार कर दिए

45. भगत सिंह की शहादत नवयुवकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया और उन्हें देश के स्वतंत्रता संघर्ष में गती भी मिल गई 

46. जब काकोरी कांड हुआ तब राम प्रसाद बिस्मिल समेत चार क्रांतिकारी और 16 लोगों को कारावास की सजा सुनाई गई जिसके चलते भगत सिंह बहुत ज्यादा बेचैन हो गए

47. भगत सिंह काकोरी कांड के बाद चंद्रशेखर आजाद के साथ मिलकर उनकी पार्टी हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन से जुड़ गए और बाद में उसका नाम बदलकर हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन रख दिया गया 

48. भगत सिंह 23 वर्ष की उम्र में फांसी पर झूल कर पूरे भारत में इंकलाब की ज्वाला को भड़का गए 

49. भगत सिंह को भारत के सबसे महान क्रांतिकारी के रूप में जाना जाता है ऐसे पराक्रमी और अदम्य साहस के धनी, वीरों की वजह से ही हिंदुस्तान आजादी की सांस ले पाया ऐसे वीरों को बारंबार नमन 

50. मातृभूमि के लिए अपने योगदान के कारण भगत सिंह आज इतिहास में अमर है। 

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